प्राणीशास्त्र विभाग द्वारा “वन्यजीव संरक्षण एवं पक्षी अवलोकन: पारिस्थितिक तंत्र की सततता की ओर एक कदम” विषय पर विस्तार व्याख्यान आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को जैव विविधता संरक्षण के प्रति जागरूक करना था।
**. प्राचार्य डॉ. गगन मित्तल ने अतिथि वक्ताओं डॉ. दीपक राय बब्बर एवं डॉ. परमेश कुमार का अभिनंदन करते हुए विद्यार्थियों को मूक प्राणियों के संरक्षण हेतु संवेदनशील प्रहरी बनने का संदेश दिया।
**. प्रधान श्री अश्वनी शोरेवाला ने अपने संदेश में कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।
**. प्रो. दीपक राय बब्बर ने वन्यजीव संरक्षण, 1972 के वन्यजीव संरक्षण अधिनियम तथा आवासीय विनाश के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला, जबकि प्रो. परमेश कुमार ने पक्षी अवलोकन को प्रभावी शिक्षण उपकरण बताते हुए कोयल, तोता (पैराकीट) एवं सनबर्ड की पहचान तथा ‘सिटिजन साइंस’ की अवधारणा समझाई।
**. कार्यक्रम में 180 विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों ने सहभागिता की।
