आर.के.एस.डी. महाविद्यालय, कैथल के महिला प्रकोष्ठ और आंतरिक शिकायत समिति द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में महिला सशक्तिकरण विषय पर पोस्टर, पोर्ट्रेट, स्केच, कोलाज आदि की प्रदर्शनी एवं विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सुश्री उपासना (आईपीएस), एस.पी. कैथल उपस्थित रहीं। महाविद्यालय पहुंचने पर उनका पुष्पगुच्छ भेंट कर हार्दिक स्वागत किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सुश्री उपासना, श्री श्याम बंसल, श्री महेश मंगल, श्री सुनील चौधरी, श्री नवनीत गोयल, श्री जगदीश गोयल, श्री विपुल सिंघल, प्राचार्य डॉ. गगन मित्तल, डॉ. हरिंदर गुप्ता, डॉ. राजबीर पराशर द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।
मुख्य अतिथि सुश्री उपासना (आईपीएस), एस.पी. कैथल ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को आत्मविश्वासी बनने, अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा एक मजबूत और समान समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विशेष रूप से छात्राओं को साइबर सुरक्षा के प्रति सजग रहने की सलाह दी और बताया कि आज के डिजिटल युग में ऑनलाइन ठगी, साइबर अपराध और सोशल मीडिया से जुड़े जोखिमों से बचने के लिए जागरूक होना बहुत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि यदि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी या ऑनलाइन अपराध का सामना करना पड़े तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।उन्होंने विद्यार्थियों को यातायात नियमों का पालन करने का भी संदेश दिया और कहा कि सड़क सुरक्षा हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं से हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने और ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल एक नारा नहीं बल्कि एक सामाजिक जिम्मेदारी है, जिसमें शिक्षा, जागरूकता और आत्मनिर्भरता की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने महाविद्यालय द्वारा महिला सशक्तिकरण के विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में जागरूकता और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं।इस अवसर पर उन्होंने महाविद्यालय परिसर में बनी “शेयरिंग थॉट्स वॉल” पर महिला सशक्तिकरण विषय पर अपने प्रेरणादायक विचार भी लिखे।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का औपचारिक स्वागत प्राचार्य डॉ. गगन मित्तल ने किया. उन्होंने अपने स्वागत भाषण में समाज में महिलाओं के सशक्तिकरण और लैंगिक समानता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है जब महिलाओं को शिक्षा, अवसर और सम्मान समान रूप से प्राप्त हों। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकारों के प्रति जागरूकता और उनके सम्मान की भावना को समाज में बढ़ावा देना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में जागरूकता, संवेदनशीलता और सकारात्मक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रधान श्री अश्वनी शोरेवाला ने मुख्य अतिथि एस.पी. कैथल सुश्री उपासना (आईपीएस) का कार्यक्रम में पधारने के लिए हार्दिक धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सुश्री उपासना की प्रेरणादायक उपस्थिति और उनके विचार विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं के लिए अत्यंत प्रेरणादायक रहे। उन्होंने महिला सशक्तिकरण और समाज में जागरूकता फैलाने के लिए उनके द्वारा दिए गए संदेश की सराहना की तथा महाविद्यालय परिवार की ओर से उनके प्रति आभार प्रकट किया। श्री श्याम बंसल ने अपने संबोधन में कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस जैसे आयोजन समाज में महिलाओं के अधिकारों, सम्मान और समानता के प्रति जागरूकता बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने महाविद्यालय द्वारा इस विषय पर आयोजित रचनात्मक गतिविधियों की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को ऐसे कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
महिला प्रकोष्ठ की रिपोर्ट संयोजिका डॉ. प्रीति बंसल ने प्रस्तुत की, जबकि आईसीसी की रिपोर्ट संयोजिका प्रो. सीमा गुप्ता द्वारा प्रस्तुत की गई। इस अवसर पर विद्यार्थियों की रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने के लिए पोर्ट्रेट, पोस्टर मेकिंग, कोलाज, कार्टूनिंग, स्केच, फोटोग्राफी और पेंटिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में चिराग, मुकेश, मुस्कान, सलोनी, हिमानी, करमजीत, रिंकू देवी, अर्पिता, माहक, आकांक्षा सहित अनेक विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किए, जबकि कुछ प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार भी प्रदान किए गए।
प्रतियोगिताओं के निर्णायक मंडल में डॉ. गीता गोयल, श्री श्री ओम, डॉ. मंजुला गोयल, डॉ. रचना सरदाना तथा डॉ. पूजा शामिल रहे। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. विनय सिंघल ने किया।कार्यक्रम का समापन डॉ. अलीशा गोयल द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. सुरुचि शर्मा, डॉ. ऋतु कंग वालिया, डॉ. रेखा गुप्ता, डॉ. चेतना तथा सुश्री भावना का विशेष योगदान रहा।
