आर.के.एस.डी. महाविद्यालय, कैथल के वाणिज्य विभाग द्वारा दिनांक 20 मार्च 2026 को “सतत विकास हेतु वाणिज्य एवं प्रबंधन में नवाचार प्रवृत्तियाँ” विषय पर एक दिवसीय अंतर्विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया।
• महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गगन मित्तल ने अपने उद्घाटन संबोधन में संगोष्ठी के विषय की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह विषय वाणिज्य एवं प्रबंधन के भविष्य को दिशा देने में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
• महाविद्यालय के प्रधान श्री अश्वनी शोरेवाला ने अपने संदेश में कहा कि “सतत विकास आज केवल एक विचार नहीं, बल्कि समय की अनिवार्य आवश्यकता है।
• संयोजक श्री अजय शर्मा ने नवाचार एवं सतत विकास की अवधारणा प्रस्तुत की।
• मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) राजेन्द्र कुमार अनायत ने भारतीय संस्कृति एवं डिजिटल डिसरप्शन पर विचार रखे।
• विशिष्ट अतिथि श्री कमल सरदाना ने एक्चुरियल साइंस एवं करियर संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
• मुख्य वक्ता प्रो. (डॉ.) मनजीत सिंह ने वैश्वीकरण, एआई एवं शेयर्ड वैल्यू क्रिएशन पर चर्चा की।
• प्लेनरी सेशन में प्रो. (डॉ.) विकास चौधरी एवं प्रो. शिक्षा, प्रौद्योगिकी एवं सामाजिक विज्ञानों के अंतर्संबंध, नवाचार एवं डिजिटल परिवर्तन के प्रभाव पर प्रकाश डाला एवं (डॉ.) सुभाष चंद के प्रो. (डॉ.) सुभाष चंद ने वाणिज्य एवं प्रबंधन के क्षेत्र में उभरती चुनौतियों, वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता तथा व्यावसायिक नैतिकता के महत्व को रेखांकित किया।
• सत्र की मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) ज्योति राणा (रजिस्ट्रार, श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय, पलवल) ने अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों को ज्ञान, कौशल एवं नैतिक मूल्यों के समन्वय के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
• अध्यक्षीय समापन उद्बोधन में प्रो. (डॉ.) महाबीर सिंह (अध्यक्ष, वाणिज्य विभाग, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र) ने कहा कि वाणिज्य एवं प्रबंधन के क्षेत्र में नवाचार एवं स्थिरता आज वैश्विक आवश्यकता बन चुके हैं।
• इस अवसर पर प्रतिभागियों से फीडबैक प्राप्त किया गया, पुस्तक लोकार्पण किया गया तथा प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद प्रस्ताव एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ।
