कार्यक्रम के प्रथम चरण में “विद्यार्थियों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरण: अधिगम, उत्पादकता एवं करियर तैयारी को सशक्त बनाना” विषय पर विस्तार व्याख्यान आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता श्री पारिक्षित कौशिश, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, व्हाइट बैंगर, कैथल रहे। द्वितीय चरण में नवाचार केस स्टडी प्रस्तुति सत्र आयोजित किया गया, जिसमें 10 विद्यार्थियों ने रक्षा, ई-गवर्नेंस एवं उद्योग जगत में हो रहे नवाचारों पर शोध आधारित प्रस्तुतियाँ दीं। लगभग 58 विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता ने कार्यक्रम को अत्यंत उत्साहपूर्ण बना दिया।
प्राचार्य डॉ. गगन मित्तल ने कहा कि उच्च शिक्षा में नवाचार, तकनीकी दक्षता और शोध-आधारित दृष्टिकोण को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। प्रधान श्री अश्वनी शोरवाला ने इस अवसर पर कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में नवाचार की भावना, रचनात्मक सोच एवं व्यावहारिक ज्ञान को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस कार्यक्रम का सफल आयोजन डॉ. रचना सरदाना (संयोजक, आईआईसी), लेफ्टिनेंट डॉ. ऋतु वालिया (एएनओ, 4/10 कंपनी) एवं लेफ्टिनेंट डॉ. रघबीर लांबा (एएनओ, 5/10 कंपनी) के संयुक्त प्रयासों से किया गया। डॉ. पूजा मित्तल, डॉ. सूरज वालिया एवं डॉ. नरेश कुमार ने भी आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
