जनगणना अधिकारी एवं उपायुक्त, कैथल के निर्देशानुसार आर.के.एस.डी. कॉलेज, कैथल में जनगणना 2027 के अंतर्गत डिजिटल स्व-गणना को बढ़ावा देने हेतु तीन दिवसीय जागरूकता एवं समन्वय शिविर का आयोजन किया जा रहा है। 24 अप्रैल 2026 को आयोजित कार्यक्रम शिविर का दूसरा दिन रहा।
महाविद्यालय में इस अभियान का समन्वय अंग्रेज़ी विभाग की सहायक प्राध्यापिका प्रो. ऋचा लांगयान द्वारा किया जा रहा है और वाणिज्य विभाग से सहायक प्राध्यापक डॉ. विशाल आनंद सक्रिय सहयोग प्रदान कर रहे हैं। महाविद्यालय की आईक्यूएसी इकाई का भी विशेष सहयोग प्राप्त हो रहा है, जिसमें आईक्यूएसी समन्वयक प्रो. जयबीर धारीवाल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सरकारी महाविद्यालय, कैथल से डॉ. जसपाल मलिक एवं डॉ. रामगोपाल मास्टर ट्रेनर्स के रूप में उपस्थित होकर विद्यार्थियों एवं स्टाफ को प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं।जानकारी दी गई कि सफलतापूर्वक विवरण भरने के बाद नागरिकों को 11 अंकों की एक यूनिक स्व-गणना आईडी प्राप्त होगी। जब जनगणना अधिकारी सत्यापन के लिए घर आएंगे, तब केवल यही आईडी साझा करनी होगी, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक तेज, सरल और पारदर्शी बनेगी। यह सुविधा पहली बार लागू की जा रही है, जो पूर्णतः नागरिक हितैषी और तकनीक आधारित है। पोर्टल अंग्रेज़ी सहित 14 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों को ऑनलाइन पोर्टल se.census.gov.in के माध्यम से स्व-गणना प्रक्रिया के प्रति जागरूक करना तथा अधिक से अधिक नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करना है। शिविर में बताया गया कि आगामी जनगणना 2027 के पहले चरण में नागरिक स्वयं भी अपनी जनगणना कर सकेंगे। यह सुविधा 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक उपलब्ध रहेगी, जिसके अंतर्गत आमजन अपने मोबाइल नंबर के माध्यम से लॉग इन कर निर्धारित 33 प्रश्नों के उत्तर भर सकते हैं। पूरी प्रक्रिया केवल 15 से 20 मिनट में पूर्ण हो जाती है।
प्राचार्य डॉ. गगन मित्तल ने कहा कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं भी स्व-गणना करें और अपने परिवार तथा समाज को भी इसके लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि आर.के.एस.डी. महाविद्यालय सदैव ऐसे जनहित एवं राष्ट्रहित से जुड़े प्रयासों में अग्रणी भूमिका निभाता रहा है और भविष्य में भी समाजोपयोगी अभियानों में अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करता रहेगा।
प्रधान श्री अश्वनी शोरेवाला ने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता शिविर नागरिक उत्तरदायित्व को मजबूत करते हैं और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सभी से इस डिजिटल सुविधा का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक जागरूकता और राष्ट्रीय दायित्वों के निर्वहन में भी हमेशा अग्रसर रहता है
