हिंदी दिवस

हिंदी दिवस

प्रत्येक वर्ष की भाँति इस वर्ष भी राधा कृष्ण सनातन धर्म महाविद्यालय, कैथल के हिंदी विभाग (प्रातःकालीन सत्र) द्वारा हिंदी दिवस बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पाँच प्रतियोगिताएँ – काव्य-पाठ, भाषण, लघु कहानी लेखन, शुद्ध–अशुद्ध (भाषाई शुद्धता प्रतियोगिता) तथा पोस्टर निर्माण/चित्र प्रदर्शनी – आयोजित की गईं। कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती को पुष्पांजलि अर्पित कर की गई और इसका संचालन श्री कैलाश ने किया। अध्यक्ष श्री अश्वनी शोरवाला, राष्ट्रीय विद्या समिति एवं महाविद्यालय की गवर्निंग बॉडी ने हिंदी दिवस के अवसर पर हिंदी विभाग को अपनी शुभकामनाएँ एवं बधाई प्रेषित कीं। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजबीर पराशर मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किए गए और उनका स्वागत विभागाध्यक्ष डॉ. आर.पी. मॉन सहित विभाग के सभी सदस्यों ने पुष्पगुच्छ देकर किया। डॉ. मॉन ने प्राचार्य का अभिनंदन करते हुए उनके हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं की कविताओं के प्रति विशेष लगाव की चर्चा की तथा बताया कि हिंदी में रोजगार के अपार अवसर निहित हैं। उन्होंने कहा कि हिंदी संचार, व्यापार, सिनेमा, बैंकिंग और विभिन्न पेशेवर क्षेत्रों में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रही है तथा रोजगार से जुड़कर इसका और विकास संभव है। प्राचार्य डॉ. राजबीर पराशर ने अपने संबोधन में महाविद्यालय में हिंदी विभाग के योगदान की सराहना की और भाषा को चिंतन, मनन और अभिव्यक्ति के लिए अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा कि हिंदी को जीवन और देश में व्यवहार में लाना आवश्यक है तथा यह रोजगार और सामाजिक जीवन दोनों दृष्टियों से अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। इस अवसर पर डॉ. बिजेंद्र कुमार ने भी भारत और विश्व में हिंदी की स्थिति पर प्रकाश डाला।

प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। काव्य-पाठ प्रतियोगिता में याचना (स्नातक द्वितीय वर्ष) प्रथम, आकांक्षा (बी.एस.सी. तृतीय वर्ष) द्वितीय और मानसी (स्नातकोत्तर द्वितीय वर्ष) तृतीय स्थान पर रहीं। भाषण प्रतियोगिता में एकता (स्नातक तृतीय वर्ष) ने प्रथम, शिखा (स्नातकोत्तर द्वितीय वर्ष) ने द्वितीय और अनमोल (स्नातक तृतीय वर्ष) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। शुद्ध–अशुद्ध प्रतियोगिता में सीमा (स्नातक द्वितीय वर्ष) प्रथम, सोनिया (स्नातक द्वितीय वर्ष) द्वितीय और शिखा (स्नातकोत्तर द्वितीय वर्ष) तृतीय स्थान पर रहीं। लघु कहानी लेखन प्रतियोगिता में राहुल (स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष) प्रथम, पारूल (स्नातक तृतीय वर्ष) द्वितीय और दर्शना (स्नातक प्रथम वर्ष) तृतीय स्थान पर रहीं। पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता में सीमा (स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष) प्रथम, प्रियंका (स्नातकोत्तर द्वितीय वर्ष) द्वितीय और खुशी (स्नातक प्रथम वर्ष) तृतीय स्थान पर रहीं, जबकि सांत्वना पुरस्कार सायना (स्नातकोत्तर द्वितीय वर्ष) और विजय (स्नातकोत्तर द्वितीय वर्ष) को प्रदान किए गए। कार्यक्रम का समापन डॉ. बिजेंद्र कुमार के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिन्होंने अध्यक्ष श्री अश्वनी शोरवाला, प्राचार्य डॉ. राजबीर पराशर, सभी प्राध्यापकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ. दीपशिखा, डॉ. शरद गोड, डॉ. वर्षा, श्री कैलाश, श्री कपिल, सुश्री ऐश्वर्या और सुश्री गरिमा की उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

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